दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक (पीपीबीएल) को बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसका मतलब यह नहीं है कि पेटीएम ऐप भी बंद हो जाएगा।
|
Join Sarkari File |
|
दरअसल, पेटीएम पेमेंट्स बैंक और पेटीएम ऐप का
कारोबार अब काफी हद तक अलग हो चुका है। इसलिए आम ग्राहकों के लिए पेटीएम ऐप की
ज्यादातर डिजिटल भुगतान सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, सिर्फ इसकी बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह
बंद हो जाएंगी।
एसबीआई के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक
गिरिकुमार एम. नायर को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का आधिकारिक परिसमापक नियुक्त किया
गया है।
आरबीआई के अनुसार, अदालत के आदेश के तहत 8 जुलाई, 2026 से परिसमापक बैंक के निदेशक मंडल की
सभी शक्तियों का प्रयोग करेंगे।
इसका मतलब है कि अब बैंक के संचालन, परिसंपत्तियों के प्रबंधन, देनदारियों के निपटान और अन्य कानूनी
प्रक्रियाओं की जिम्मेदारी आधिकारिक परिसमापक के पास होगी।
विजय शेखर शर्मा की फिनटेक कंपनी
पेटीएम की सहयोगी कंपनी पीपीबीएल कई बार नियामकीय कार्रवाई के दायरे में आ चुकी
थी।
मार्च 2022 में आरबीआई ने उसे नए ग्राहक जोड़ने पर
रोक लगा दी थी। अप्रैल 2026
में बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
पेटीएम ऐप बंद नहीं होगा
यह आदेश पेटीएम पेमेंट्स बैंक के लिए
है, पेटीएम ऐप (वन 97 कम्यूनिकेशंस) के लिए नहीं। ऐप के जरिए
यूपीआई भुगतान,
क्यूआर कोड, मोबाइल रिचार्ज, बिल भुगतान और अन्य ऑनलाइन भुगतान
सेवाएं जारी रहेंगी।
फास्टैग और वॉलेट
पेटीएम बैंक से जुड़े पुराने फास्टैग
या वॉलेट पहले ही प्रभावित हो चुके थे। यदि किसी के पास अब भी कोई लंबित दावा है, तो उसका निपटान भी परिसमापन प्रक्रिया
के तहत होगा।
बैंक ग्राहक क्या करें
● यदि आपका पेटीएम पेमेंट्स बैंक में कोई
जमा या बकाया है,
तो अपने खाते का रिकॉर्ड, स्टेटमेंट और केवाईसी दस्तावेज
सुरक्षित रखें।
● लिक्विडेटर या आरबीआई द्वारा जारी
दावों की प्रक्रिया और समय-सीमा पर नजर रखें।

0 Comments