मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेकर गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
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ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में योगी
ने कहा कि आम उपभोक्ता स्वाभाविक रूप से ईमानदार होता है। उसे समय पर सही बिल मिले
तो भुगतान में हिचक नहीं करता।
मुख्यमंत्री ने ओवरबिलिंग की वास्तविक
स्थिति का पता लगाने को विशेषज्ञों की समिति बनाने के निर्देश दिए। यदि उपभोक्ता
की गलती नहीं है,
तो कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में
निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी विद्युत
आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, सेवाओं के डिजिटलीकरण, राजस्व संग्रह में सुधार तेज करने के
निर्देश दिए। कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिल देने के लिए ठोस व्यवस्था
की जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश
फॉल्ट-फ्री सप्लाई के लिए नियमित
रखरखाव अनिवार्य है।
न्यूनतम पांच आवास वाले मजरों में भी
विद्युतीकरण सुनिश्चित करें
डबल ग्रुप सप्लाई, कृषि फीडर पृथक्करण कार्य समय से पूरे
करें
‘ऊर्जा मंत्री, एमडी समस्याएं दूर करें’
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऊर्जा
मंत्री, ऊर्जा निगम प्रबंध निदेशक स्वयं फील्ड
में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें।
उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित, प्रभावी निराकरण सुनिश्चित कराएं। टोल
फ्री हेल्पलाइन नंबर सक्रिय रहें और प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया और तेज की जाए।

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